Corona Vaccine लगवाने से क्या मां नहीं बन पाएंगी महिलाएं? 60 हजार रिपोर्ट्स ने खोला 'फर्टिलिटी' का राज

Sweden News: सोशल मीडिया पर कोरोना वैक्सीन को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। सबसे बड़ा डर यह था कि वैक्सीन लगवाने से महिलाओं की प्रजनन क्षमता (Fertility) खत्म हो जाएगी। अब स्वीडन के वैज्ञानिकों ने इस डर को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हाल ही में 60,000 महिलाओं पर एक बड़ी स्टडी की गई। इस रिसर्च में साफ हुआ है कि कोविड वैक्सीन का महिलाओं की फर्टिलिटी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। यह खबर उन करोड़ों महिलाओं के लिए राहत लेकर आई है जो परिवार बढ़ाने की सोच रही हैं।

क्या कोरोना वैक्सीन से घट रही है जन्म दर?

कोरोना महामारी के बाद स्वीडन समेत कई देशों में बच्चों के जन्म दर में कमी देखी गई। इसके बाद अफवाहें उड़ने लगीं कि यह कोरोना वैक्सीन का साइड इफेक्ट है। लोगों ने दावा किया कि वैक्सीनेशन से गर्भ ठहरने में दिक्कत आ रही है। लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी (Linköping University) के प्रोफेसर टॉमस टिम्पका ने इन दावों की जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोविड-19 के खिलाफ बनी एमआरएनए (mRNA) वैक्सीन जन्म दर में कमी का कारण नहीं है। वैज्ञानिकों ने पाया कि वैक्सीन और इनफर्टिलिटी (बांझपन) का आपस में कोई संबंध नहीं है।

वैक्सीन और गर्भपात के आंकड़ों का सच

यह अहम स्टडी 'कम्युनिकेशंस मेडिसिन जर्नल' में प्रकाशित हुई है। शोधकर्ताओं ने वैक्सीनेटेड और बिना वैक्सीन वाली महिलाओं के डेटा की तुलना की। * वैज्ञानिकों को दोनों समूहों में जन्म दर में कोई अंतर नहीं मिला। * गर्भवती महिलाओं में मिसकैरेज (गर्भपात) के मामलों में भी कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई। * टिम्पका ने कहा कि हमने हर तरह के रजिस्टर्ड मिसकैरेज के डेटा को चेक किया है। इस स्टडी में 18 से 45 साल की लगभग 60,000 महिलाओं को शामिल किया गया था। इनमें से 75 प्रतिशत महिलाओं ने 2021 से 2024 के बीच कोरोना वैक्सीन की डोज ली थी।

गर्भवती महिलाओं के लिए क्या है सलाह?

यह रिसर्च पिछले अध्ययनों से काफी अलग और खास है। पुरानी रिसर्च सिर्फ उन जोड़ों पर की गई थी जो इनफर्टिलिटी का इलाज करवा रहे थे। लेकिन इस नई स्टडी में सामान्य महिलाओं के डेटा का इस्तेमाल किया गया। इसमें उम्र और पुरानी बीमारियों जैसे अन्य कारकों को भी ध्यान में रखा गया है। मेडिकल रिपोर्ट्स बताती हैं कि गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड संक्रमण जानलेवा हो सकता है। ऐसे में कोरोना वैक्सीन लगवाना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। यह मां और बच्चे दोनों को गंभीर बीमारी से बचाता है।

वैज्ञानिकों ने दिया अंतिम फैसला

प्रोफेसर टिम्पका ने साफ शब्दों में अपना निष्कर्ष दिया है। उनके अनुसार, वैज्ञानिक सबूत पूरी तरह स्पष्ट हैं। वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा किसी भी संभावित जोखिम से बहुत ज्यादा है। जो महिलाएं भविष्य में मां बनना चाहती हैं, उन्हें वैक्सीन से डरने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि बिना किसी हिचकिचाहट के कोविड-19 का टीका लगवाना चाहिए। यह आपकी और आपके होने वाले बच्चे की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

Post a Comment

0 Comments