Noida News: स्मोकिंग छोड़ना न केवल आपके फेफड़ों बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। हालांकि निकोटीन की लत के कारण शुरुआत में इसे छोड़ना नामुमकिन लग सकता है। मेदांता अस्पताल के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. मनु मदान के अनुसार, सही दिशा और मजबूत इरादे से इस लत पर विजय पाना संभव है। सिगरेट छोड़ने का सफर आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और बेहतर स्वास्थ्य लेकर आता है।
छोड़ने के लिए एक तारीख तय करें
स्मोकिंग छोड़ने की शुरुआत एक ठोस निर्णय से होती है। सबसे पहले सिगरेट छोड़ने की एक 'क्विट डेट' निर्धारित करें। अपने परिवार और दोस्तों को इस फैसले के बारे में सूचित करें। उनका मानसिक समर्थन आपकी इच्छाशक्ति को मजबूत करेगा। अपने कार्यस्थल और घर से लाइटर, सिगरेट और एशट्रे जैसी चीजें तुरंत हटा दें। ये वस्तुएं दोबारा स्मोकिंग की इच्छा को भड़का सकती हैं।
अचानक होने वाली तलब को कैसे रोकें?
सिगरेट पीने की तीव्र इच्छा आमतौर पर कुछ ही मिनटों के लिए रहती है। जब भी तलब महसूस हो, गहरी सांस लें और पर्याप्त पानी पिएं। अपना ध्यान भटकाने के लिए शुगर-फ्री गम चबाएं या थोड़ी देर टहलें। ये छोटे बदलाव उस समय सिगरेट से दूरी बनाए रखने में बहुत कारगर साबित होते हैं।
जीवनशैली में बदलाव करना है जरूरी
स्मोकिंग छोड़ने पर शरीर में विड्रॉवल सिम्टम्स (घबराहट या बेचैनी) महसूस हो सकते हैं। इन्हें नियंत्रित करने के लिए नियमित व्यायाम और भरपूर नींद लें। शारीरिक गतिविधि न केवल आपके मूड को बेहतर बनाती है, बल्कि सिगरेट की लत को कम करने में भी मदद करती है।
निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी और डॉक्टरी सलाह
चिकित्सा विज्ञान में निकोटीन की कमी को पूरा करने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। निकोटीन पैच, गम या लोजेंज शरीर को सिगरेट की कमी महसूस नहीं होने देते। गंभीर मामलों में डॉक्टर तलब को नियंत्रित करने के लिए विशेष दवाएं भी लिख सकते हैं। विशेषज्ञ की सलाह इस प्रक्रिया को काफी आसान बना देती है।
असफलता से न डरें, दोबारा प्रयास करें
अगर आप कोशिश के बाद फिर से सिगरेट पी लेते हैं, तो इसे अपनी हार न मानें। कई लोग पूरी तरह सफल होने से पहले कई बार असफल होते हैं। अपनी गलतियों से सीखें और पुनः दृढ़ संकल्प के साथ शुरुआत करें। सही डॉक्टरी परामर्श और प्रेरणा से सिगरेट छोड़ना पूरी तरह मुमकिन है।
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