New Delhi News: कैंसर से ठीक होना किसी भी मरीज के लिए नया जीवन मिलने जैसा है। लेकिन इलाज खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि जंग पूरी हो गई है। कैंसर को हराने के बाद शरीर को पहले से ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। सफदरजंग अस्पताल के डॉ. मुकेश नागर ने रिकवरी के लिए कुछ जरूरी नियम बताए हैं। अगर आप ठीक होने के बाद इन बातों का ध्यान नहीं रखते तो मुसीबत दोबारा बढ़ सकती है।
इलाज के बाद शरीर में होते हैं ये बदलाव
कीमोथेरेपी और सर्जरी के बाद जीवन तुरंत सामान्य नहीं होता। इलाज के साइड इफेक्ट्स के कारण शरीर कमजोर महसूस करता है। मरीजों को अक्सर थकान या नींद न आने की समस्या होती है। कई बार फोकस करने में भी परेशानी आती है। इस समय कैंसर सरवाइवर को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की देखभाल चाहिए। जल्दबाजी करने के बजाय धीरे-धीरे अपनी पुरानी दिनचर्या में लौटना चाहिए।
खानपान और फॉलो-अप है जरूरी
डॉ. मुकेश नागर के अनुसार नियमित चेकअप करवाना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इससे शरीर में हो रहे किसी भी बदलाव को समय रहते पकड़ा जा सकता है। अपनी डाइट में ताजे फल और हरी सब्जियां जरूर शामिल करें। साबुत अनाज और प्रोटीन वाला खाना शरीर को ताकत देता है। दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं और समय पर सोएं। कैंसर दोबारा न लौटे, इसके लिए शराब और तंबाकू से बिल्कुल दूरी बना लें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई नई दवा न लें।
अपनों का साथ है सबसे बड़ी दवा
बीमारी से उबरने के बाद मन में डर और चिंता होना आम बात है। कई बार मरीज खुद को अकेला महसूस करता है। ऐसे समय में परिवार और दोस्तों का सहयोग बहुत जरूरी होता है। अपनी भावनाओं को मन में दबाएं नहीं बल्कि खुलकर बात करें। सकारात्मक माहौल मानसिक मजबूती देता है। याद रखें कि इमोशनल सेहत अच्छी होगी तभी कैंसर के बाद शारीरिक रिकवरी भी तेज होगी।
इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
इलाज पूरा होने के बाद भी शरीर के संकेतों को समझना होगा। अगर अचानक वजन कम हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। शरीर में लगातार दर्द या बहुत ज्यादा थकान होना भी ठीक नहीं है। कहीं भी गांठ महसूस होना या खून आना खतरे की घंटी हो सकता है। हर नए लक्षण का मतलब कैंसर की वापसी नहीं होता लेकिन जांच बहुत जरूरी है। अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहकर ही आप सुरक्षित भविष्य पा सकते हैं।
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