2050 तक 4 करोड़ लोगों की जान ले सकती है ये छोटी सी गलती, कहीं दवा ही न बन जाए दुश्मन!

New Delhi News: मेडिकल साइंस ने पिछले कुछ सालों में बहुत तरक्की की है। लाइलाज बीमारियों का इलाज अब आसान हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी जीवनरक्षक एंटीबायोटिक दवाएं अब बेअसर हो रही हैं? इसे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) कहते हैं। यह समस्या इतनी गंभीर है कि लांसेट की एक स्टडी ने डराने वाला दावा किया है। स्टडी के मुताबिक, साल 2050 तक इसके कारण 4 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है। इसलिए दवाओं का इस्तेमाल बहुत सावधानी से करना चाहिए।

सुपरबग बन रहे हैं बैक्टीरिया

जब बैक्टीरिया या वायरस पर दवाओं का असर होना बंद हो जाता है, तो उसे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस कहते हैं। दवाओं के गलत इस्तेमाल से ये रोगाणु 'सुपरबग' बन जाते हैं। यह केवल भविष्य का खतरा नहीं है। आईसीएमआर (ICMR) की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया भर में हर साल 12 लाख से ज्यादा लोग इसी वजह से जान गंवा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी चेतावनी दी है। अब टीबी, मलेरिया और एचआईवी जैसी बीमारियों पर भी एंटीबायोटिक कम असर कर रही हैं।

इन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा

एएमआर का खतरा किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। लेकिन कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इसके आसान शिकार बनते हैं। कैंसर, एचआईवी और डायबिटीज के मरीजों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए। किडनी की बीमारी और अंग ट्रांसप्लांट कराने वाले लोगों पर भी इसका खतरा ज्यादा होता है। अस्पताल में लंबे समय तक रहने से भी संक्रमण का डर बढ़ जाता है। दूषित खाना और गंदे हाथ भी इस मुसीबत को बुलावा देते हैं।

महंगा इलाज और सर्जरी में जोखिम

साधारण एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर होने पर डॉक्टरों को दूसरी या तीसरी लाइन का इलाज करना पड़ता है। यह इलाज बहुत महंगा होता है। इसके साइड इफेक्ट्स भी गंभीर होते हैं। इससे शरीर के अंग खराब होने का डर रहता है। सर्जरी, सिजेरियन डिलीवरी और कैंसर कीमोथेरेपी में इन्फेक्शन से बचने के लिए हम दवाओं पर निर्भर हैं। अगर इनका असर खत्म हुआ तो सुरक्षित सर्जरी करना नामुमकिन हो जाएगा।

बचाव के लिए बदलें अपनी आदतें

इस खतरे से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक कभी न लें। वायरल बुखार या सर्दी-जुकाम में इन दवाओं का इस्तेमाल न करें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि कीटाणु न फैलें। अगर आप विदेश से इलाज करवाकर लौटे हैं, तो डॉक्टर को जरूर बताएं। दवा लेने के दौरान अगर डायरिया हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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