Health News: सिर में होने वाले तेज दर्द को अक्सर हम थकान या तनाव मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह लापरवाही आपकी
आंखों की रोशनी पर भारी पड़ सकती है। हाल ही में आए मामलों ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। घंटों लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रहने से आंखों का दबाव (Eye Pressure) खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है। अमेरिकन अकादमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी के मुताबिक, अगर समय रहते इसकी पहचान न हो, तो व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा हो सकता है। अपनी
आंखों की रोशनी बचाने के लिए इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है।
सिरदर्द बन सकता है अंधापन का कारण
एक मरीज को दो जनवरी को अचानक सिर में असहनीय दर्द उठा। दर्द इतना तेज था कि दवा खाने की नौबत आ गई। अगले दिन लैपटॉप की स्क्रीन देखना भी मुश्किल हो गया। जांच कराने पर पता चला कि आंखों का प्रेशर (Intraocular Pressure) सामान्य से ज्यादा था। डॉक्टरों के अनुसार, आंखों का सामान्य दबाव 10 से 20 mmHg के बीच होता है। इस मरीज का प्रेशर 22 पाया गया। यह बढ़ा हुआ दबाव ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाता है, जिससे धीरे-धीरे
आंखों की रोशनी खत्म होने लगती है।
क्यों बढ़ता है आंखों का प्रेशर?
आंखों के हाई प्रेशर के पीछे हाई ब्लड प्रेशर (High BP) एक मुख्य वजह है। इसके अलावा, साल 2026 की लाइफस्टाइल में स्क्रीन के बिना काम करना मुश्किल है, जो आंखों के लिए घातक साबित हो रहा है। डायबिटीज, नींद की कमी, आंखों में पुरानी चोट और ज्यादा तनाव भी इसके बड़े कारण हैं। कई बार बिना किसी लक्षण के भी आंखों का दबाव बढ़ जाता है, जिसे 'साइलेंट थीफ ऑफ साइट' यानी
आंखों की रोशनी चुराने वाला कहा जाता है। ग्लूकोमा जैसी बीमारी इसी दबाव के कारण होती है।
कैसे करें अपनी आंखों का बचाव?
अगर आप अपनी
आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में तुरंत बदलाव करें। खाने में नमक और प्रोसेस्ड फूड की मात्रा कम कर दें। हरी सब्जियां, फल और ओमेगा-3 फैटी एसिड को भोजन में शामिल करें। रेटिना एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हर छह महीने में एक बार आंखों का चेकअप जरूर कराएं। अगर काम के कारण स्क्रीन टाइम ज्यादा है, तो बीच-बीच में आंखों को आराम दें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें।
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