बच्चे होमवर्क के नाम से रोने लगते हैं? डांटने के बजाय अपनाएं ये 5 स्मार्ट ट्रिक्स, खेल-खेल में पूरा होगा काम

India News: स्कूल से मिलने वाला होमवर्क अक्सर बच्चों और पेरेंट्स दोनों के लिए तनाव की वजह बन जाता है। शाम होते ही घरों में पढ़ाई को लेकर झगड़े और चिल्लाने की आवाजें आम बात हैं। ज्यादातर पेरेंट्स बच्चों को डांटकर या धमकाकर काम करवाना चाहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तरीका बच्चों को पढ़ाई से दूर कर सकता है। स्मार्ट पेरेंटिंग के कुछ आसान तरीके अपनाकर आप इस डेली टेंशन को खत्म कर सकते हैं। इन छोटे बदलावों से बच्चे बिना रोए और खुशी-खुशी अपना होमवर्क समय पर पूरा करने लगेंगे।

एक निश्चित रूटीन तय करें

बच्चों के लिए होमवर्क का एक फिक्स टाइम होना बहुत जरूरी है। अनुशासन के बिना बच्चे अक्सर काम को टालते रहते हैं। स्कूल से आते ही उन्हें सीधे पढ़ने के लिए न बैठाएं। उन्हें थोड़ा समय खेलने और फ्रेश होने के लिए दें। इसके बाद एक तय समय पर उन्हें होमवर्क करने के लिए प्रोत्साहित करें। नियम का पालन करने से यह उनकी आदत बन जाएगा।

पढ़ाई के लिए सही जगह का चुनाव

होमवर्क करने की जगह बच्चों की एकाग्रता पर सीधा असर डालती है। उन्हें कभी भी बिस्तर या सोफे पर लेटकर काम न करने दें। इससे आलस आता है और बच्चा जल्दी थक जाता है। घर के किसी शांत कोने में टेबल और कुर्सी लगाएं। वहां रोशनी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। टेबल पर उनकी पसंद के रंगीन पेन और स्टेशनरी रखें।

रिवॉर्ड फॉर्मूला दिखाएगा कमाल

बच्चे किसी भी काम को तब ज्यादा मन से करते हैं जब उन्हें बदले में कुछ मिले। इसे रिवॉर्ड फॉर्मूला कहते हैं। आप बच्चे से कह सकते हैं कि होमवर्क पूरा करने के बाद हम पसंदीदा गेम खेलेंगे। या फिर उन्हें उनकी पसंद की कोई खाने वाली चीज देने का वादा करें। यह छोटा सा लालच उन्हें काम जल्दी खत्म करने के लिए प्रेरित करेगा।

टुकड़ों में करवाएं भारी होमवर्क

एक साथ बहुत सारा होमवर्क देखकर बच्चे अक्सर घबरा जाते हैं। स्मार्ट तरीका यह है कि काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दें। अगर तीन-चार विषयों का काम है, तो एक बार में एक ही काम दें। हर विषय का काम पूरा होने पर बच्चे को छोटा सा ब्रेक दें। इससे उन्हें पढ़ाई बोझ नहीं लगेगी और वे जल्दी बोर नहीं होंगे।

साथ बैठकर बढ़ाएं बच्चे का उत्साह

बच्चे अक्सर चिढ़ जाते हैं जब वे बड़ों को फोन चलाते या टीवी देखते देखते हैं। जब बच्चा होमवर्क करे, तो आप भी उसके पास बैठें। आप अपना ऑफिस का काम कर सकते हैं या कोई किताब पढ़ सकते हैं। उन्हें सवालों के सीधे जवाब न दें, बल्कि हल करने का तरीका सिखाएं। आपकी मौजूदगी से बच्चा खुद को अकेला महसूस नहीं करेगा।

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