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सावधान! साल 2026 में आ रहा है 'खतरनाक' मलमास, 30 दिनों तक इन कामों पर लगेगा परमानेंट ब्रेक

साल 2026 में अधिक मास 17 मई से शुरू होगा। जानें मलमास में क्यों वर्जित हैं शादी, गृह प्रवेश और नया बिजनेस। पुरुषोत्तम मास में दान और पूजा के नियम

Adhik Maas 2026 Date: अधिक मास में भूलकर भी न करें ये काम, वरना होगा भारी नुकसान

Astrology Alert: क्या आप भी साल 2026 में शादी की शहनाइयां बजाने या नए घर में शिफ्ट होने का सपना देख रहे हैं? अगर हां, तो थोड़ा रुकिए! साल 2026 कोई साधारण साल नहीं है, क्योंकि इस बार पंचांग में एक 'एक्स्ट्रा मेहमान' की एंट्री होने वाली है, जिसे हम अधिक मास या मलमास कहते हैं। इसे 'पुरुषोत्तम मास' भी कहा जाता है, लेकिन इसकी शर्तें किसी सख्त टीएंडसी (T&C) जैसी हैं। अगर आपने इस दौरान गलती से भी कोई शुभ कार्य किया, तो समझो फायदे की जगह घाटा पक्का! आज हम आपको बताएंगे कि क्यों इस महीने में बिजनेस से लेकर गृह प्रवेश तक सब कुछ 'पॉज' मोड पर चला जाता है।

Overview:

हिंदू पंचांग का यह 'बोनस महीना' आपको जितना पुण्य दे सकता है, उतनी ही मुसीबतें भी ला सकता है—अगर आप नियम नहीं जानते। 17 मई 2026 से शुरू होने वाला यह मलमास इस बार ज्येष्ठ के महीने में लग रहा है। क्यों इस महीने में निवेश करना रिस्की है और क्यों नया घर खरीदना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है? सस्पेंस से पर्दा उठाने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें, क्योंकि यहां छिपा है आपकी खुशहाली का सीक्रेट मैनुअल!

आखिर क्या है ये अधिक मास का 'लोचा'?

विज्ञान और अध्यात्म का यह मेल थोड़ा पेचीदा है। दरअसल, चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच एक गैप होता है। इसी गैप को भरने और ब्रह्मांडीय घड़ी को बैलेंस करने के लिए हर तीसरे साल एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है। इसी महीने को हिंदू पंचांग में अधिक मास या मलमास के नाम से जाना जाता है। पिछली बार यह सावन में आया था, जिसने भोलेनाथ के भक्तों को डबल मजा दिया था, लेकिन इस बार अधिक मास ज्येष्ठ माह में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

अधिक मास 2026: कैलेंडर में नोट कर लें ये तारीखें

अगर आप अपनी छुट्टियों या फंक्शन्स की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इन तारीखों को दीवार पर चिपका लीजिए। इस साल ज्येष्ठ का महीना अधिक मास होगा:

  • प्रारंभ तिथि: 17 मई 2026, रविवार
  • समापन तिथि: 15 जून 2026, सोमवार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एक महीने में की गई पूजा और दान का फल अन्य महीनों की तुलना में दस गुना अधिक मिलता है। यानी यह आपके पुण्य का फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) डबल करने का सबसे अच्छा समय है!

मलमास में 'नो-गो ज़ोन': भूलकर भी न करें ये मांगलिक कार्य

मलमास का नाम सुनते ही पंडित जी 'नो' क्यों कहने लगते हैं? दरअसल, इस माह में सूर्य की गति और आध्यात्मिक ऊर्जा शुभ कार्यों के अनुकूल नहीं होती। इसलिए इन चीजों से तौबा कर लें:

1. शादी-ब्याह और सगाई

अगर आप घोड़ी चढ़ने की तैयारी में हैं, तो 17 मई से पहले या 15 जून के बाद का मुहूर्त ढूंढें। मलमास में शादी या सगाई करना वर्जित है, क्योंकि माना जाता है कि इस समय किए गए विवाह में सुख-शांति की कमी रह सकती है।

2. नया बिजनेस और निवेश

स्टॉक मार्केट में पैसा लगाना हो या नई दुकान खोलनी हो, मलमास में अपना बटुआ बंद रखें। इस माह में किसी भी तरह का नया बिजनेस शुरू करना या बड़ा निवेश करना शुभ नहीं माना जाता। जमीन खरीदना और बेचना भी इस दौरान 'रेड सिग्नल' पर रहता है।

3. गृह प्रवेश और नींव रखना

नया घर खरीदने या पुराने घर की नींव रखने का प्लान है? तो जून के दूसरे पखवाड़े तक इंतजार करें। मलमास के दौरान नए घर में प्रवेश करना या घर का निर्माण शुरू करना वास्तु शास्त्र के अनुसार अशुभ फल दे सकता है।

4. मुंडन और जनेऊ संस्कार

बच्चों के मुंडन या जनेऊ जैसे महत्वपूर्ण संस्कार इस महीने में वर्जित होते हैं। साथ ही, किसी भी नए व्रत की शुरुआत करना या पुराने व्रत का उद्यापन करना भी मलमास के नियमों के खिलाफ है।

अब जानिए क्या करना है: पुण्य कमाने का गोल्डन चांस

भले ही शुभ कार्य बंद हों, लेकिन 'पुण्य की दुकान' इस महीने सबसे ज्यादा चलती है। अधिक मास भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) को समर्पित है, इसलिए इसे भुनाने के तरीके ये रहे:

  • दान-पुण्य की महा-सेल: इस माह में अन्न और वस्त्र का दान करें। आपकी पुरानी अलमारी के कपड़े किसी जरूरतमंद के काम आ सकते हैं और आपको ढेर सारा पुण्य दिला सकते हैं।
  • दीपदान: शाम के समय मंदिर या पवित्र नदियों के किनारे दीपदान करना बहुत शुभदायी माना गया है। यह आपके जीवन के अंधकार को दूर करने का 'डिवाइन' तरीका है।
  • मंत्रों की शक्ति: पूरा महीना 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। यह मंत्र आपकी मानसिक शांति के लिए किसी मेडिटेशन ऐप से बेहतर काम करेगा।
  • पवित्र स्नान: अगर संभव हो, तो गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में डुबकी लगाएं। यह आपके पापों को 'कंट्रोल-ऑल्ट-डिलीट' करने जैसा है।
  • श्रीमद्भागवत कथा: इस माह में कथा सुनना या पढ़ना आपको मानसिक और आध्यात्मिक रूप से बहुत मजबूत बनाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

अधिक मास 2026 हमारे लिए आध्यात्मिक रिचार्ज का समय है। भले ही इसमें आप नई गाड़ी न खरीदें या शादी न करें, लेकिन यह महीना खुद को बेहतर बनाने और दूसरों की मदद करने के लिए सबसे अच्छा है। 17 मई से 15 जून तक संयम बरतें, नियमों का पालन करें और भगवान विष्णु की भक्ति में डूब जाएं। याद रखें, जो काम अभी रुक गए हैं, वे बाद में और भी शुभ फल देंगे! Call to Action: क्या आपको पता था कि 2026 में अधिक मास ज्येष्ठ में पड़ रहा है? इस जानकारी को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो अगले साल शादी की प्लानिंग कर रहे हैं! कमेंट में 'जय श्री कृष्ण' जरूर लिखें और हमें फॉलो करना न भूलें!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: अधिक मास को मलमास क्यों कहते हैं?

उत्तर: क्योंकि इस महीने में सूर्य संक्रांति नहीं होती, इसलिए इसे मलिन मास या मलमास कहा जाता है।

प्रश्न 2: 2026 में अधिक मास कब से शुरू होगा?

उत्तर: साल 2026 में अधिक मास 17 मई, रविवार से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा।

प्रश्न 3: क्या मलमास में नया घर खरीदा जा सकता है?

उत्तर: नहीं, मलमास के दौरान नया घर खरीदना या जमीन का सौदा करना अशुभ माना जाता है।

प्रश्न 4: इस महीने में किस देवता की पूजा की जाती है?

उत्तर: अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए उन्हें 'पुरुषोत्तम मास' के स्वामी के रूप में पूजा जाता है।

प्रश्न 5: क्या मलमास में जन्मदिन मनाया जा सकता है?

उत्तर: हां, जन्मदिन मनाना एक सामान्य कृत्य है, इसमें कोई मनाही नहीं है, लेकिन बड़े मांगलिक आयोजन टालने चाहिए।

प्रश्न 6: अधिक मास कितने साल बाद आता है?

उत्तर: अधिक मास हर तीसरे साल (लगभग 32 महीने 16 दिन बाद) आता है।

प्रश्न 7: क्या इस दौरान व्रत का उद्यापन किया जा सकता है?

उत्तर: नहीं, मलमास में किसी भी व्रत की शुरुआत या उसका उद्यापन करना वर्जित माना गया है।

प्रश्न 8: मलमास में दान का कितना फल मिलता है?

उत्तर: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मलमास में किए गए दान का फल सामान्य से दस गुना अधिक प्राप्त होता है।

प्रश्न 9: क्या अधिक मास में सगाई की जा सकती है?

उत्तर: नहीं, सगाई एक मांगलिक कार्य है और अधिक मास में सभी मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।

प्रश्न 10: इस बार अधिक मास किस महीने में पड़ रहा है?

उत्तर: साल 2026 में अधिक मास ज्येष्ठ के महीने में पड़ रहा है।

About the author

Desh Raj
नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, और देवभूमि हिमाचल प्रदेश के शहर मंडी का रहने वाला हूँ। मेरी प्रारंभिक शिक्षा और आर्ट्स में ग्रेजुएशन (BA) ने मुझे समाज और लोगों की ज़रूरतों को करीब से समझने का नज़रिया दिया। इसी नज़रिए और लोगों तक सही जानकारी पहुँचा…

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