अखियों से गोली मारे' गाने का वो सच जिसे जानकर दंग रह जाएंगे आप

'अखियों से गोली मारे' गाने का वो सच जिसे जानकर दंग रह जाएंगे आप; भोजपुरी नथुनिया से लेकर अल्ताफ राजा का है गहरा कनेक्शन!

Bollywood Update: 90 के दशक का जिक्र हो और गोविंदा व रवीना टंडन की जोड़ी का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। इस जोड़ी ने बॉलीवुड को कई ऐसे गाने दिए हैं जो आज भी शादियों और पार्टियों की जान बने हुए हैं। इन्हीं में से एक गाना है फिल्म 'दूल्हे राजा' का 'अखियों से गोली मारे'। गोविंदा के बेजोड़ डांस स्टेप्स और रवीना की कातिल अदाओं ने इस गाने को अमर बना दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस चार्टबस्टर गाने की जड़ें बॉलीवुड में नहीं, बल्कि भोजपुरी लोक संगीत की गलियों में छिपी हैं? आज हम आपको इस एवरग्रीन हिट के पीछे की वो अनसुनी कहानी बताएंगे, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

विस्तृत सारांश (Executive Summary)

फिल्म 'दूल्हे राजा' का गाना 'अखियों से गोली मारे' भारतीय सिनेमा के सबसे सफल गानों में गिना जाता है। इस गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज दशकों बाद भी इसके रीमिक्स और कवर वर्जन बनते रहते हैं। लेकिन इस गाने के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है। असल में, इस गाने की धुन और मुख्य विचार एक पारंपरिक भोजपुरी लोकगीत 'नथुनिया पे गोली मारे' से प्रेरित है। टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार ने इस धुन की क्षमता को पहचाना और प्रसिद्ध गीतकार समीर अंजान को इसे हिंदी में ढालने की जिम्मेदारी सौंपी। समीर अंजान ने भोजपुरी के 'नथुनिया' को 'अखियों' से बदलकर एक नया कलेवर दिया, जिसे संगीतकार आनंद-मिलिंद ने मॉडर्न टच के साथ तैयार किया। इस गाने से जुड़ा एक और चौंकाने वाला तथ्य इसके गायक को लेकर है। भले ही आज हम इस गाने को सोनू निगम की आवाज में जानते हैं, लेकिन मेकर्स की पहली पसंद उस दौर के मशहूर गायक अल्ताफ राजा थे। भारी फीस की मांग के कारण अल्ताफ राजा के हाथ से यह मौका निकल गया और आखिरकार सोनू निगम ने अपनी ऊर्जावान आवाज से इसे एवरग्रीन बना दिया। यह लेख इस गाने के निर्माण, इसके पीछे की प्रेरणा और उन उतार-चढ़ावों पर विस्तार से चर्चा करता है जिसने इसे एक कल्ट क्लासिक बनाया।

भोजपुरी लोकगीत से 'अखियों' तक का सफर

अक्सर लोग समझते हैं कि बॉलीवुड के गाने पूरी तरह ओरिजिनल होते हैं, लेकिन 'अखियों से गोली मारे' का आधार पूरी तरह देसी है।

गुलशन कुमार की दूरदर्शिता: टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार को संगीत की गहरी परख थी। उन्होंने एक पुराना भोजपुरी लोकगीत सुना था जिसके बोल थे 'नथुनिया पे गोली मारे'। उन्हें इस धुन में एक खास तरह की मस्ती नजर आई जो बड़े पर्दे पर हिट हो सकती थी।

समीर अंजान का जादू: गुलशन कुमार ने गीतकार समीर अंजान को बुलाया और उन्हें वह भोजपुरी गाना सुनाया। उन्होंने समीर से कहा कि इस धुन में कुछ ऐसा है जो लोगों को झूमने पर मजबूर कर सकता है, बस इसके बोलों को बॉलीवुड के हिसाब से बदलना होगा।

नथुनिया बनी अंखियां: समीर अंजान ने इस चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने नथुनिया (नाक की लौंग) जैसे पारंपरिक शब्द को हटाकर 'अखियों' (आंखों) का इस्तेमाल किया, जिससे गाना थोड़ा ज्यादा ग्लैमरस और यूनिवर्सल हो गया।

अल्ताफ राजा: जो पहली पसंद होकर भी रेस से बाहर हो गए

इस गाने की मेकिंग का सबसे दिलचस्प हिस्सा इसके सिंगर का चुनाव है। आज सोनू निगम की आवाज इस गाने की पहचान है, लेकिन कहानी कुछ और ही होने वाली थी।

अल्ताफ राजा का क्रेज: 90 के दशक में अल्ताफ राजा का अपना एक अलग और बहुत बड़ा फैन बेस था। 'तुम तो ठहरे परदेसी' की सफलता के बाद वह हर मेकर की पहली पसंद थे।

फीस का पेंच: जब मेकर्स ने इस गाने के लिए अल्ताफ राजा से संपर्क किया, तो उन्होंने काफी मोटी रकम (High Fee) की मांग कर दी। उस दौर के हिसाब से यह फीस बहुत ज्यादा थी, जिसे देने के लिए टी-सीरीज और मेकर्स तैयार नहीं थे।

सोनू निगम की एंट्री: भारी फीस के चलते बात बिगड़ गई और यह सुनहरा मौका सोनू निगम के पास चला गया। सोनू उस वक्त उभरते हुए सितारे थे और उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से लपका।

आनंद-मिलिंद का संगीत और पेपी टच

सिर्फ बोल और आवाज ही नहीं, बल्कि संगीत ने भी इस गाने को सुपरहिट बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।

मॉडर्न अरेंजमेंट: संगीतकार जोड़ी आनंद-मिलिंद ने मूल भोजपुरी धुन को लिया और उसमें वेस्टर्न बीट्स व पेपी साउंड का तड़का लगाया।

गोविंदा की स्टाइल: उन्होंने संगीत को इस तरह कंपोज किया कि वह गोविंदा की यूनिक डांसिंग स्टाइल और फेशियल एक्सप्रेशंस के साथ बिल्कुल फिट बैठे।

मार्केटिंग का हथियार: यह गाना रिलीज होते ही इतना बड़ा हिट हुआ कि इसने फिल्म 'दूल्हे राजा' की मार्केटिंग में 50% से ज्यादा का योगदान दिया। कई लोग थिएटर में फिल्म सिर्फ इस गाने को बड़े पर्दे पर देखने के लिए गए थे।

सोनू निगम की आवाज ने कैसे बदला इतिहास?

आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो यह महसूस होता है कि शायद सोनू निगम का इस गाने के लिए चुना जाना ही इस गाने की किस्मत थी।

अनोखी एनर्जी: सोनू निगम ने जिस हाई पिच और शरारती अंदाज में इस गाने को गाया, उसने इसे युवाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया।

वर्सेटिलिटी: सोनू निगम ने साबित कर दिया कि वह केवल रोमांटिक गाने ही नहीं, बल्कि ऐसे डांस नंबर्स को भी बखूबी गा सकते हैं।

एवरग्रीन चार्टबस्टर: आज भी यूट्यूब से लेकर इंस्टाग्राम रील्स तक, सोनू निगम की आवाज में यह गाना ट्रेंड करता रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: 'अखियों से गोली मारे' गाना किस फिल्म का है?

उत्तर: यह गाना 1998 में आई सुपरहिट फिल्म 'दूल्हे राजा' का है।

प्रश्न 2: इस गाने की मुख्य जोड़ी कौन है?

उत्तर: इस गाने में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा और रवीना टंडन मुख्य भूमिका में हैं।

प्रश्न 3: यह गाना किस भोजपुरी लोकगीत से प्रेरित है?

उत्तर: यह गाना प्रसिद्ध भोजपुरी लोकगीत 'नथुनिया पे गोली मारे' से प्रेरित है।

प्रश्न 4: इस गाने को किसने गाया है?

उत्तर: इस गाने को मशहूर पार्श्व गायक सोनू निगम ने गाया है।

प्रश्न 5: इस गाने के लिए पहली पसंद कौन सा सिंगर था?

उत्तर: मेकर्स की पहली पसंद गायक अल्ताफ राजा थे, लेकिन फीस की वजह से बात नहीं बन पाई।

प्रश्न 6: 'अखियों से गोली मारे' के गीतकार कौन हैं?

उत्तर: इस गाने के बोल समीर अंजान ने लिखे हैं।

प्रश्न 7: इस गाने का संगीत किसने दिया है?

उत्तर: इस आईकॉनिक गाने का संगीत आनंद-मिलिंद की जोड़ी ने तैयार किया है।

प्रश्न 8: क्या इस गाने का कोई रीमेक भी बना है?

उत्तर: हां, फिल्म 'पति पत्नी और वो' (2019) में इस गाने का रीमेक वर्जन इस्तेमाल किया गया है, जिसमें कार्तिक आर्यन, अनन्या पांडे और भूमि पेडनेकर नजर आए थे।

प्रश्न 9: गुलशन कुमार का इस गाने से क्या कनेक्शन है?

उत्तर: गुलशन कुमार ने ही मूल भोजपुरी धुन को पहचाना था और इसे हिंदी में बनाने का सुझाव दिया था।

प्रश्न 10: क्या यह गाना आज भी लोकप्रिय है?

उत्तर: जी हां, यह गाना आज भी शादियों, पार्टियों और सोशल मीडिया पर एक एवरग्रीन चार्टबस्टर बना हुआ है।

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Desh Raj
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